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राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि किसान कृषि को आमदनी का धंधा मानकर आधुनिक खेती के तौर तरीके से खेती करके मुनाफे के रूप में किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं किंतु मऊगंज कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के कारण किसानों के हित में सरकार की इस नियति को सफल नहीं होने देंगे कृषि विभाग मऊगंज के सभी अधिकारी मनमानी तरीके से खाद बीज का गोलमाल कर किसानों की दुर्गति करने में तुले हुए हैं।

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सरकार द्वारा हर सीजन में बीज खाद एवं कृषि उपकरण दिए जाते हैं किंतु इन अधिकारियों द्वारा सब बाजार में बिक्री कर दिया जाता है कई वर्षों से किसी भी प्रकार की योजनाएं किसानों को नहीं मिली जबकि सरकार द्वारा सब कुछ दिया जा रहा है कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से अपने चहेतों को लाभ पहुंचा रहे हैं जबकि गरीब किसान इन सभी योजनाओं से वंचित हैं।

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हर सीजन में गेहूं धान अलसी चना मसूर तिल सोयाबीन सबकुछ शासन द्वारा प्रदान किया जाता है किंतु इन अधिकारियों द्वारा सब बाजार में बिक्री कर लिया जाता है और कागजों में झूठे रिकॉर्ड तैयार कर शासन को धोखे में रखकर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है।

प्राइवेट कंपनियों के सहारे बीज की उपलब्धता

हर बोनी के सीजन में किसानों के लिए खाद व बीज उपलब्ध कराए जाते हैं किंतु विभाग की मनमानी से मनचाहे प्राइवेट कंपनियों के द्वारा बीज लिया जाता है जिसमें अंकुरण की क्षमता ना के बराबर रहती है।

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कमीशन खोरी के चक्कर में किसानों के साथ इन अधिकारियों द्वारा अन्याय किया जा रहा है यदि विभाग द्वारा स्थानीय किसानों को बीज बनाने एवं रखरखाव के प्रशिक्षण दिए जाते तो किसानों को बीज खरीदने के लिए कृषि विभाग का चक्कर नहीं लगाना पड़ता और यही किसान आत्मनिर्भर हो जाते।

स्थानी कर्मचारियों की मनमानी

मऊगंज कृषि विभाग में कई वर्षों से जमे स्थानीय कर्मचारियों की वजह से किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाएं इन कर्मचारियों द्वारा बिक्री कर लिया जाता है समय पर कार्यालय नहीं खोली जाती कभी भी किसानों को प्रशिक्षण नहीं दिया जाता और सरकार द्वारा दी गई योजनाओं को किसानों को बताया नहीं जाता तीन वर्ष की ट्रांसफर नीति भी इन पर लागू नहीं होती एक स्थान पर कई वर्षों से होने के कारण मनमानी तरीके से काम किया जा रहा है जब चाहे कार्यालय खोलने या बंद करें कोई देखने वाला नहीं।

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जिले से हो रहा निरीक्षण

कृषि विभाग मऊगंज से संबंधित जिलाधिकारी जिले में बैठकर निरीक्षण कर लेते हैं कभी क्षेत्र में नहीं आते और ना ही किसी भी प्रकार का किसानों को प्रशिक्षण दिया जाता मऊगंज कृषि विभाग में बने प्रशिक्षण भवन में बरसों से ताला लगा हुआ है सरकार द्वारा दिए गए कृषि उपकरण खाद बीज का बाजार में बिक्री कर जिले में बैठकर अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित कर लेते हैं किसानों से संबंधित कोई जानकारी या प्रशिक्षण नहीं दिया जाता।

मृदा परीक्षण केंद्र में लगा ताला

कृषि विभाग के जिला अधिकारियों की काली करतूत कई लाखों की लागत से कई वर्षों से बना मृदा परीक्षण केंद्र मऊगंज में खंडहर रूप में हो गया बनने के तुरंत बाद भवन में ताला लगा है और यह ताला कभी खुलता नहीं ना कभी किसानों से संपर्क करके मृदा परीक्षण किया गया और ना ही मृदा परीक्षण के संबंध में कोई जानकारी दी जाती मृदा परीक्षण ना होने से किसानों को यह जानकारी नहीं हो पाती कि किस मिट्टी में कौन सा अनाज उत्पादन किया जाए मिट्टी में कौन से गुण अवगुण है किंतु कई वर्षों से मृदा परीक्षण भवन बनकर तैयार है कार्यालय का उपयोग ना होने से खंडहर रूप में दिखाई दे रहा है।


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