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सिविल अस्पताल में सिस्टम की बलि चढ़ा नवजात शिशु, मातम में बदली खुशियां,

यह ह्रदय विदारक घटना घटी है मध्य प्रदेश के नवीन जिला मऊगंज के सिविल अस्पताल में,

यह घटना सारे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रही है, एक मां 9 महीने तक किस तरह की यातनाएं और कष्ट सहकर अपने पेट में बच्चे को पालती है।

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बच्चे का पिता सहित पूरा परिवार भी उस दिन के इंतजार में बैठा रहता है कि कब हमारे घर में नन्ही किलकारियां गुजेगी।

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और सोचिए जब सारी खुशियां 1 मिनट में सिस्टम की बलि चढ़ी जाए तो उस परिवार पर क्या बीतती होगी,

रविवार के दिन ढ़नगन गांव से साकेत परिवार के लोग परिवार सहित घर की महिला को लेकर डिलीवरी करवाने शाम के वक्त

सिविल अस्पताल मऊगंज पहुंचे जहां पर दो जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ।

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पीड़ित परिवार के अनुसार डिलीवरी के वक्त ही एक बच्चे की मृत्यु हो गई,

और दूसरे की हालत गंभीर बनी थी, अब सोचिए कि सिविल अस्पताल मऊगंज में लगभग 10 डॉक्टर पदस्थ

होने के बाद भी डिलीवरी आशा कार्यकर्ता या फिर सफाई कर्मचारी करवाएं यह कितना शर्मनाक है,

सिविल अस्पताल मऊगंज में अक्सर यह देखा जाता है की सफाई करने वाले कर्मचारी, गार्ड, भी एक ड्रेसर की भूमिका निभाते हुए मरहम पट्टी और टांका तक लगाते हैं।

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अब विचारणीय बात यह है कि इस सिस्टम पर सुधार हो तो कैसे हो, जहां जब डॉक्टर अपना डॉक्टर्स धर्म भूल जाएं,

जनप्रतिनिधि अपना ईमान बेच कर सिर्फ शोक संवेदना व्यक्त करने तक सीमित रहें,

वहां की जनता आए दिन इस सिस्टम की भेंट तो ‌ चढ़ती ही रहेगी।

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दुर्भाग्य की बात यह है कि मऊगंज में आपने कभी नहीं सुना होगा कि

कोई भी जनप्रतिनिधि सत्ता पक्ष या विपक्ष का नेता अस्पताल की व्यवस्था का जायजा लेते हुए निरीक्षण किया हो।

पर आपने अक्सर यह देखा होगा कि इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सिर्फ शोक संवेदना व्यक्त करने दुर्घटना में,

किसी घायल व्यक्ति की मदद करने के नाम पर फोटोशूट करवाकर सोशल मीडिया में पोस्ट जरूर करते हैं।

लेकिन कभी किसी भी कार्यालय जहां से जनता का सीधे जुड़ाव हो वहां का निरीक्षण नहीं करेंगे,

और सिविल अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों की बात ही क्या करें।

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इस व्यवस्था को देखने के बाद ऐसा लगता है कि वहां पर पदस्थ डॉक्टर निरंकुश है,

यहां पर पदस्थ डॉक्टरों के इसी कृत्य और रवैए की वजह से कई बार हॉस्पिटल में विवाद की स्थिति निर्मित हुई।

और फिर वही होता आया है की सरकारी काम में बाधा बता कर रिपोर्ट दर्ज करा दो,

डॉक्टरों द्वारा कई ऐसे केस मऊगंज थाने में आपको दर्ज मिलेंगे।


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